टी20 की सोच को टेस्ट क्रिकेट में मत लाओ
गावस्कर ने कहा, ‘भारत के हाल के टेस्ट नतीजों को देखें तो गेंदबाजों ने अपना काम काफी हद तक किया है लेकिन बल्लेबाजों को खासकर मुश्किल परिस्थितियों में अधिक अनुशासन और बेहतर तकनीक दिखाने की जरूरत है।’ उन्होंने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट की सोच को टेस्ट क्रिकेट में नहीं आने देना चाहिए।मानव सुथार को दी सलाह
गावस्कर ने कहा, ‘कई बार कुछ डॉट गेंदों के बाद खिलाड़ी टी20 की मानसिकता में आ जाते हैं और जल्दबाजी में गलत फैसले कर बैठते हैं। टेस्ट क्रिकेट में अलग तरह के धैर्य और सोच की जरूरत होती है।’ गावस्कर ने युवा स्पिनर मानव सुथार की जमकर तारीफ की लेकिन साथ ही सावधानी बरतने की सलाह भी दी।उन्होंने कहा, ‘सात विकेट के साथ टेस्ट करियर की शुरुआत करना बेहद प्रभावशाली है, लेकिन किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ एक मैच के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह एक शानदार और उत्साहजनक शुरुआत है लेकिन इसे मंजिल नहीं बल्कि लंबे सफर की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए।’
