इस बीच, विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने चार जूनियर अधिकारियों के निलंबन को सिर्फ दिखावा बताया। BJD के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इतने संवेदनशील मामले को लेकर बहुत ही लापरवाही भरा रवैया अपनाया है।
दरअसल, SCB मेडिकल कॉलेज में 14-15 मार्च की दरमियानी रात करीब 3 बजे आग लगी थी। हादसे में मरने वाले मरीजों की संख्या 12 हो गई है। इनमें से 7 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, 5 की मौत इलाज के दौरान हुई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था।
अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे
10 साल पहले भी हुई 22 मौतें, दोबारा हुआ ऐसा हादसा
2016 में ओडिशा में भुवनेश्वर के एक निजी SUM हॉस्पिटल में आग लगी थी। इसमें 22 मरीजों की मौत हो गई थी। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल के मालिक के करीबी थे। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। अस्पताल के मालिक को भी हत्या के केस में जेल जाना पड़ा था।
2016 में SUM हॉस्पिटल की घटना के बाद उसके मालिक मनोज को गिरफ्तार किया गया था। आज SCB मेडिकल की इस घटना के बाद लोगों के मन में यही सवाल है- इस बार जिम्मेदार कौन होगा और सरकार किस पर कार्रवाई करेगी।