ये बातें होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा से पूछताछ के दौरान सामने आईं। दोनों को होटल में आग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 3 जून को हुए हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी।
जय मिश्रा ने बताया कि होटल का लाइसेंस बनवाने के लिए बजाज ने उसके दस्तावेज इस्तेमाल किए थे। यही नहीं जिस दिन आग लगी वह घटना वाली जगह आया, थोड़ी देर रुका। फिर मेट्रो से पूरे शहर में इधर-उधर घूमता रहा।
पुलिस पूछताछ में 5 खुलासे
कर्मचारी बोला- लाइसेंस वाले दस्तावेज आग में जल गए
मेहमानों के रजिस्टर, पहचान के रिकॉर्ड, लाइसेंसिंग के कागजात और अन्य दस्तावेजों के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने दावा किया कि सभी रिकॉर्ड होटल में रखे गए थे, लेकिन आग में पूरी तरह जल गए।
हालांकि, पुलिस इस दावे की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। जांच करने वाले अधिकारी होटल के कागजी रिकॉर्ड को फिर से तैयार करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों, ऑनलाइन पोर्टलों और संबंधित एजेंसियों से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि लाइसेंस की मंजूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या मिलीभगत तो नहीं थी।
6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे
फ्लरिश स्टे होटल के पास B&B (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे।
आग फैली तो लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी। कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर ठहरे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को बाहर निकाला।
इनमें 35 घायल हैं। इस दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मैक्स अस्पताल ने बताया, 39 लोगों को लाया गया था, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय हैं। विदेशियों में 9 अफ्रीकी देशों और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक हैं।
हादसा होने की 5 बड़ी वजह