'इंदिरा गांधी ने अपने जेवर दिए थे', Kunickaa Sadanand ने PM मोदी की अपील पर कहा- जनता ही बलिदान क्यों दे
Updated on
12-05-2026 01:46 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही हैदराबाद की एक रैली में देशवासियों से अपील की थी कि वह एक साल तक सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, और पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो और बस का इस्तेमाल करें। पीएम मोदी की इस अपील पर सवाल उठने शुरू हो गए। जहां राहुल गांधी ने इसे सरकार की नाकामी बताया, वहीं आलोचकों ने भी इसे आम जनता पर बोझ डालने की कोशिश बताया। अब इसी पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने भी रिएक्ट किया है। कुनिका ने कहा कि दिक्कत देश के लिए बलिदान देने की नहीं, बल्कि दिक्कत इस बात की है कि जो मुद्दा अब सामने आया है, उसे रोकने के लिए जरूरी और सक्रिय कदम नहीं उठाए गए। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने देश पर मुसीबत आने पर अपने गहने तक दान कर दिए थे और देश का हर नागरिक सेना की मदद को पहुंचा था।
कुनिका सदानंद- दिक्कत बलिदान से नहीं, कदम न उठाए जाने से है
कुनिका सदानंद ने अपने X अकाउंट पर पत्रकार रजत शर्मा का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कह रहे हैं कि मोदी ने अगर गोल्ड कम खरीदने को कहा, विदेश कम ट्रैवल करने को कहा तो इसमें इतनी हाय-तौबा मचाने की क्या जरूरत है? अमेरिका से ईरान पर हमला तो मोदी ने तो नहीं करवाया। दुनिया में तेल का संकट मोदी के कारण तो पैदा नहीं हुआ। जिन चीजों पर फॉरेन एक्सचेंज ज्यादा खर्च होता है, उनमें किफायत बरतने में किसी को क्या प्रॉब्लम है? इसी पर कुनिका ने उन्हें जवाब दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आम जनता ही हमेशा क्यों बलिदान दे?
'नेताओं की कथनी और करनी में कमी'
कुनिका सदानंद ने लिखा, 'सर जी, हम नागरिक हमेशा अपने देश के लिए खड़े रहे हैं। समस्या बलिदानों की नहीं है, बल्कि समस्या इस मुद्दे को रोकने के लिए उठाए गए सक्रिय कदमों की कमी और नेताओं की कथनी और करनी में कमी है।
कुनिका ने इंदिरा गांधी की मिसाल- उन्होंने गहने दान कर दिए थे
कुनिका ने इसके 11-12 घंटे बाद अब एक और ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने एक यूजर को जवाब दिया, जिसने एक लीडिंग अखबार के 1967 में छपे एक आर्टिकल की तस्वीर शेयर की। वह आर्टिकल इंदिरा गांधी की देश से सोना ने खरीदने की अपील का जिक्र था। आर्टिकल शेयर कर यूजर ने लिखा है- जो लोग मोदी जी का मजाक उड़ा रहे हैं, वो इसे देख लें।' इसी पर कुनिका ने अपना दो-टूक जवाब दिया और दोनों स्थितियों में अंतर समझाया। कुनिका ने लिखा, 'उन्होंने उदाहरण पेश करते हुए अपने सारे गहने दान कर दिए। जय श्री राम। नेता को प्रधानमंत्री कल्याण कोष के मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और अपनी पार्टी के विशाल कोष से दान देना चाहिए। शिव शम्भू।'
साल 1962 में क्या किया था इंदिरा गांधी ने?
दरअसल, साल 1962 में भारत पर अब तक की सबसे बड़ी मुसीबत आ गई थी। तब चीन ने भारत की 'पीठ में छुरा घोंपते' हुए धोखा दे दिया था और अचानक ही देश पर हमला बोल दिया था। करीब एक महीने तक वह युद्ध चला था, जिसमें देश का हर नागरिक और जवाब त्राहि-त्राहि कर उठा था। तब सेना को भारी सपोर्ट की जरूरत थी। जो भी सामान था, वो सब जवानों के साथ युद्ध में कुर्बान होता जा रहा था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना की मदद के लिए अपने गहने दान कर दिए थे। बूढ़ों से लेकर जवान तक सेना की मदद को पहुंच गए। महिलाओं ने अपने सोने के मंगलसूत्र तक दान में दे दिए, तो वहीं बच्चों ने भी अपनी गुल्लक फोड़ दी थीं। तब इंदिरा गांधी ने देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील की थी।
'हर कोई जानता है क्या सही और क्या गलत'
कुनिका सदानंद ने इसके बाद एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि एक लीडर को कैसा होना चाहिए और किस तरह दूसरों को प्रेरित करने के लिए ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने लिखा है, 'सुप्रभात। एक लीडर बनने के लिए जरूरी है कि खुद उदाहरण बनकर नेतृत्व करें। हर कोई जानता है कि क्या सही है और क्या गलत। लेकिन जो व्यक्ति सही मार्ग पर चलता है और अपने शब्दों और कर्मों में भी यही दर्शाता है, वही दूसरों को बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकता है। ऐसे में दूसरों को प्रेरित करने के लिए बहुत सारे शब्दों की आवश्यकता नहीं होती।' कुनिका ने फिर इसी ट्वीट में अनुभव के बारे में लिखा है। वह बोलीं, 'जब मेरा हर काम क्वालिटी वाला होता है, तो मुझे पता चलता है कि लोग मार्गदर्शन और समर्थन के लिए मेरी ओर देखते हैं। जब लोग मुझसे प्रेरणा लेते हैं, तो मैं अपने शब्दों और कामों पर फोकस कर पाती हूं ताकि मैं जो कुछ भी बोलूं और करूं, वह मेरे और दूसरों के लिए फायदेमंद हो।'
बेबाक और मुखर कुनिका सदानंद हो रहीं टारगेट भी
कुनिका सदानंद वैसे तो हमेशा से ही बेबाक और मुखर रही हैं। चाहे निजी मामला हो या सामाजिक या फिर राजनीतिक, वह अपनी राय रखने का एक मौका नहीं छोड़तीं। और पिछले कुछ दिनों से तो कुनिका लगातार राजनीतिक मसलों पर बोल रही हैं। वह सोशल मीडिया पर खुलकर विचार रख रही हैं। इसके कारण एक्ट्रेस की खूब आलोचना भी की जा रही है, पर वह बेपरवाह और बिंदास होकर जवाब दे रही हैं।
क्या राजनीति में जाने की प्लानिंग कर रही हैं कुनिका? दिया ये जवाब
कुनिका जिस तरह से रोजाना राजनीतिक मुद्दों पर मुखर होकर बोल रही हैं, उसे देख एक यूजर ने पूछ लिया कि क्या वह पॉलिटिक्स में जा रही हैं? इस पर कुनिका ने इनकार किया और लिखा, 'मैं अब कभी राजनीति में नहीं आऊंगी। मैं भारत और यहां के लोगों की आवाज बनना चाहती हूं। और उम्मीद है कि मैं कुछ बदलाव ला सकूंगी।'
क्या है पीएम मोदी की सोना न खरीदने और पेट्रोल बचाने की अपील?
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को हैदराबाद में बीजेपी की रैली में देशवासियों से अपील की थी कि संकट के दौर में सभी को कम से कम एक साल के लिए विदेश ट्रिप पर जाना बंद कर देना चाहिए और सोना भी नहीं खरीदना चाहिए। साथ ही कहा था कि हर परिवार अगर खाने में तेल का इस्तेमाल 10% कम कर दे तो यह बहुत बड़ी देशभक्ति होगी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर बिजनेस की दुनिया और अर्थशास्त्रियों के बीच इस पर बहस शुरू हो गई। मोदी की अपील पर सवाल खड़े होने लगे। सरकार की तरफ से पीएम मोदी की इस अपील को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच इसे लॉन्ग टर्म एनर्जी सिक्योरिटी और सामूहिक जिम्मेदारी की ओर अहम कदम बताया।
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