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नैनो उर्वरक से बढ़ी पैदावार, घटी लागत और कीटों से भी मिली राहतः देवचरण भगत

Updated on 27-06-2026 02:46 PM

अम्बिकापुर।  कृषि क्षेत्र में आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ खेती की लागत भी कम हो रही है। जिले के ग्राम करजी निवासी किसान देवचरण भगत नैनो यूरिया के सफल उपयोग से लाभान्वित होने वाले किसानों में शामिल हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से वे अपनी खेती में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन, कम लागत और फसलों में कीट प्रकोप में कमी जैसे परिणाम प्राप्त हुए हैं।

सीमित भूमि में वैज्ञानिक खेती से लाभ

किसान देवचरण भगत ने बताया कि उनके पास लगभग दो एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे धान, गेहूं, टमाटर और बैंगन सहित विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमित भूमि होने के बावजूद नैनो यूरिया के उपयोग से उन्हें संतोषजनक पैदावार प्राप्त हुई है और खेती अधिक लाभकारी बनी है।

उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया का उपयोग करना भी काफी आसान है। 18 लीटर पानी की एक टंकी में तीन ढक्कन नैनो यूरिया मिलाकर फसलों पर छिड़काव किया जाता है, जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित मात्रा में उपयोग करने पर इसका प्रभाव बेहतर दिखाई देता है।

किसान देवचरण भगत के अनुसार नैनो यूरिया पारंपरिक दानेदार यूरिया की तुलना में अधिक सुविधाजनक है। इसकी मात्रा कम होने के कारण परिवहन और उपयोग में आसानी होती है तथा लागत भी कम आती है। उन्होंने बताया कि इसके अच्छे परिणामों को देखते हुए वे अन्य किसानों को भी इसके उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

नैनो उर्वरक के उपयोग से अतिरिक्त खर्च में कमी

उन्होंने कहा कि दानेदार यूरिया के उपयोग से कई बार फसलें अत्यधिक मुलायम हो जाती हैं, जिससे कीटों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। जबकि नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों में इस प्रकार की समस्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिली है। इससे कीटनाशक दवाओं की आवश्यकता भी कम पड़ती है, जिससे अतिरिक्त खर्च में कमी आती है।

देवचरण भगत ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के अनुभव के आधार पर उन्हें नैनो यूरिया से अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से नई कृषि तकनीकों से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।



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