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'अमेरिका का साथ दो नहीं तो अंजाम भुगतोगे,' डोनाल्ड ट्रंप की NATO देशों को धमकी, होर्मुज स्ट्रेट पर आना होगा

Updated on 16-03-2026 03:27 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका ने नाटो सैन्य गठबंधन के सहयोगियों को ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ देने के लिए धमकाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नाटो को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने में उनकी मदद करनी होगी। नाटो देश ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ नहीं आते हैं तो उनको इसका अंजाम भुगतना होगा। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इससे दुनियाभर में तेल और गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है। ऐसे में इस समुद्री गलियारे को खुलवाने के लिए ट्रंप दुनिया से मदद मांग रहे हैं।

फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए है कि अगर अमेरिका के सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रेट होर्मुज खोलने में मदद नहीं करते हैं तो नाटो का भविष्य 'बहुत बुरा' हो सकता है। ट्रंप ने ईरान संकट को देखते हुए इस महीने के आखिर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बैठक को टालने का भी संकेत दिया है।

चीन पर भी दबाव बना रहे ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन पर भी इस अहम जलमार्ग (होर्मुज स्ट्रेट) को खोलने में मदद करने का दबाव डाला जा रहा है। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि चीन को हमारी मदद करनी चाहिए, क्योंकि उनको अपना 90 पीसदी तेल यहां से मिलता है। मैं निश्चित ही चीन जाने से पहले इस मुद्दे पर बीजिंग का रुख जानना चाहूंगा। मैं अपने दौरे को आगे बढ़ा सकता हूं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जिन देशों को इस शिपिंग रूट से फायदा होता है, उनकी इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। सभी देश यह पक्का करने में मदद करें कि वहां कुछ गलत ना हो। डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूके से अपील की थी कि वह अपने जहाज होर्मुज स्ट्रेट में भेजें ताकि यहां से टैंकर सुरक्षित निकल सकें।

स्ट्रेट होर्मुज पर ट्रंप 'बेबस'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कह रहे है कि होर्मुज स्ट्रेट को हर हाल में ईरान के 'खतरे' से मुक्त कराया जाएगा। वह इस पर कई तरह के बयान दे रहे हैं और दुनिया से मदद मांग रहे हैं लेकिन अभी तक कुछ पुख्ता करने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में वह सहयोगियों पर दबाव बना रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के प्रायद्वीप के बीच स्थित समुद्री गलियारा है, जो 54 किलोमीटर चौड़ा है। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से इस जलडमरुमध्य में समुद्री यातायात तकरीबन ठप हो गया है। इससे दुनिया के कई देशों में उर्जा संकट गहरा रहा है।

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