नक्सलियों के ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ के नाम से चर्चित और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना को जोड़ने वाली कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा। यह इलाका नक्सलियों का कोर जोन और हिड़मा, देवा, दामोदर, आजाद जैसे बड़े कैडर्स का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था।
यहीं नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री थी और इसी इलाके से नक्सली संगठन, मिलिट्री गतिविधियां संचालित होती थीं। सालभर पहले फोर्स ने देश का सबसे बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन लॉन्च कर कर्रेगुट्टा पहाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया था।
ऑपरेशन के दौरान 31 नक्सली मारे गए और बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए। इस इलाके में नक्सलियों ने हजारों IED भी लगा रखे थे। अब पहाड़ी पर पूरी तरह से फोर्स का कब्जा है। ऐसे में पहली बार कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप समेत सैकड़ों स्थानीय लोग और पुलिस जवान इस तिरंगा यात्रा में शामिल हैं।
तिरंगा यात्रा पहुंची बीजापुर, कुर्रेगुट्टा में होगा समापन
तीसरे दिन तिरंगा यात्रा बीजापुर पहुंची। यहां से यात्रा आवापल्ली, उसूर, गलगाम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टा पहाड़ी पहुंचेगी। कभी माओवादियों का गढ़ मानी जाने वाली इस पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर यात्रा का समापन किया जाएगा।
कुर्रेगुट्टा को तिरंगा यात्रा का सबसे अहम पड़ाव माना जा रहा है। जिस इलाके की पहचान कभी नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में होती थी, उसी पहाड़ी पर तिरंगा फहराना यात्रा के संदेश को और मजबूत करेगा।
दूसरे दिन तिरंगा यात्रा दंतेवाड़ा से शुरू होकर कुआकोंडा, भूसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुरकापाल, मिनपा-ताड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए बीजापुर पहुंची।
इस रूट में बुरकापाल, मिनपा-ताड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम जैसे नक्सल प्रभावित रहे इलाके भी शामिल हैं।
नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे इलाके
ये वही क्षेत्र हैं, जहां लंबे समय तक नक्सल हिंसा, बड़े हमलों और सुरक्षा अभियानों के कारण देशभर में चर्चा रही है। इन इलाकों में सैकड़ों जवानों ने शहादत दी है। अब इन्हीं इलाकों से तिरंगा यात्रा का गुजरना बस्तर में बदलते माहौल की नई तस्वीर पेश कर रहा है।
कभी नक्सल प्रभाव वाले इन क्षेत्रों में अब तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा यात्रा के दौरान इन इलाकों में रुके। उन्होंने शहीद परिवारों और सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की।