कोण्डागांव। जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम पिटेचुवा के प्रगतिशील किसान दुखा राम मरकाम आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन हासिल कर रहे हैं। 15 एकड़ भूमि में खेती करने वाले श्री मरकाम पिछले दो वर्षों से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और लागत में कमी का लाभ मिला है।
किसान का कहना है कि नैनो उर्वरकों के छिड़काव से पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है। धान की रोपाई के लगभग 30 दिन बाद पहला तथा आवश्यकता अनुसार 50 से 60 दिनों के बीच दूसरा छिड़काव किया जाता है। इससे पौधे अधिक स्वस्थ, मजबूत और उत्पादक बनते हैं।
श्री मरकाम के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ 15 से 20 क्विंटल धान उत्पादन प्राप्त हो रहा है। पहले वे प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम दानेदार डीएपी का उपयोग करते थे, जिस पर करीब 1850 रुपये खर्च होते थे और उत्पादन 10 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ मिलता था। अब नैनो डीएपी के प्रयोग से दानेदार डीएपी की आवश्यकता लगभग 50 प्रतिशत कम हो गई है तथा प्रति एकड़ दो बोतल नैनो डीएपी पर करीब 1200 रुपये का खर्च आ रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि और उर्वरक लागत में करीब 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। फसल में हरियाली, जड़ों के विकास, शाखाओं की संख्या और बालियों की वृद्धि में भी सकारात्मक सुधार देखा गया है।
दुखा राम मरकाम की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग में रुचि दिखा रहे हैं। इससे आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिल रहा है, जो किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।