ट्रंप के साथ रिश्ते मजबूत करने की चाल
पुतिन की सक्रियता की एक वजह यह भी है कि वे ट्रंप के साथ अच्छे कामकाजी रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। पुतिन का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के साथ अच्छे रिश्ते यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध के लिए फायदेमंद है। यही वजह है कि पुतिन ने ईरान के लिए पक्का समर्थन तो जाहिर किया है, लेकिन ट्रंप की निजी बुराई से बचे रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि यह लड़ाई पुतिन के लिए दूसरे मौके उपलब्ध कराती है।ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आ रहा है, इसका रूसी सरकार के रेवेन्यू को फायदा मिला है। इससे रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग जारी रखने में मदद मिलेगी। रूस का फेडरल बजट इस बात पर निर्भर करता है कि देश 59 डॉलर प्रति बैरल पर तेल एक्सपोर्ट करता है। प्रतिबंधों के चलते रूस को तेल बेचने में बहुत मुश्किल आ रही थी।
रूसी तेल की बाजार में एंट्री को मंजूरी
लेकिन इस सप्ताह खाड़ी में युद्ध के चलते जब कच्चा तेल अचानक बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल हो गया तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया। दुनिया भर में तेल को लेकर दबाव बढ़ने लगा, जिसके बाद ट्रंप ने सुझाव दिया है कि कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका कुछ देशों पर तेल से जुड़े बैन हटा देगा। इतना ही नहीं, भारत के लिए 30 दिन की छूट की घोषणा भी कर दी गई है।बीबीसी के रूसी एडिटर स्टीव रोसेनबर्ग ने लिखा है कि अगर रूस पर तेल प्रतिबंध कम किए जाते हैं, तो मॉस्को को और भी ज्यादा वित्तीय फायदा होने की उम्मीद हो सकती है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप ने ऐसा न करने की अपील की है और कहा कि यह कीव के लिए झटका होगा।
