फीफा विश्व कप इतिहास के 5 सबसे बड़े विवाद, दो की वजह से नियम तक बदलने पड़े
Updated on
14-05-2026 04:47 PM
फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है। अमेरिका के साथ मैक्सिको और कनाडा के पास मेजबानी है। यह दुनिया के सबसे बड़ा सिंगल स्पोर्ट्स इवेंट है। सभी की नजरें इस टूर्नामेंट पर रहती है। 1930 में पहली बार फीफा विश्व कप खेला गया था। इसके लगभग 96 साल के इतिहास में कई बड़े विवाद रहे हैं। हम आपको 5 चर्चित विवादों के बारे में बताते हैं।
बैटल ऑफ सैंटियागो
1962 फीफा विश्व कप में 2 जून को चिली और इटली का मैच हुआ। इस मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खूब लात-घूसे चलाए। रेफरी को दो खिलाड़ियों को बाहर निकाल दिया गया। कई बार मुक्के चले और चार बार पुलिस के दखल देनी पड़ी। इस मैच में चिली को जीत मिली। इसी मैच की वजह से फुटबॉल में पीले और लाल कार्ड की शुरुआत हुई।
मैच का रिजल्ट फिक्स किया
1982 विश्व कप में स्पेन के गिजोन में एल मोलिनोन स्टेडियम में वेस्ट जर्मनी और ऑस्ट्रिया के बीच अंतिम ग्रुप मैच खेला गया। इस मैच में वेस्ट जर्मनी को अगर एक या दो गोल से जीत मिलती तो ऑस्ट्रिया के साथ वह अगले राउंड में पहुंच जाता। वहीं अल्जीरिया को बाहर होना पड़ा। 10वें मिनट में वेस्ट जर्मनी ने पहला गोल दागा। इसके बाद टीमों टीम के खिलाफ 80 मिनट तक आपस में बॉल घुमाते रहे। इस विवादित मैच के बाद फीफा ने नियम बदल दिया और तब से ग्रुप का आखिरी मैच एक ही समय पर शुरू होता है। इससे किसी को भी समीकरण पता न हो।
डिएगो माराडोना हैंड ऑफ गॉड
1986 फीफा विश्व कप में इंग्लैंड और अर्जेंटीना का मुकाबला हुआ था। इस मैच में डिएगो माराडोना ने एक गोल हाथ से लिया था। रेफरी यह नहीं देख पाए और फुटबॉल में तक रिव्यू का कोई नियम नहीं था। अर्जेंटीना को इस मैच में जीत मिली और माराडोना के गोल को हैंड ऑफ गॉड नाम दिया गया।
जिनेदिन जिदान का हेडबट
2006 फीफा विश्व कप का फाइनल फ्रांस और इटली के बीच हुआ था। निर्धारित समय तक मैच 1-1 से बराबर होने के बाद यह एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। 110वें मिनट में इटली के मार्को मातेराजी ने फ्रांस के कप्तान जिनेदिन जिदान को उकसाने के लिए आपत्तिजनक बातें कही। गुस्से में जिदान ने उनके सीने पर सिर से टक्कर मार दी। मातेराजी जमीन पर गिर गए और जिदान को रेफरी ने रेड कार्ड दिखाया। पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस खिताबी मुकाबला हार गया।
कतर को 2022 में मेजबानी
कतर का फुटबॉल इतिहास न होने के बाद भी उसे 2022 में फीफा विश्व कप की मेजबानी मिल गई। दावा किया गया कि बोली लगाने वाले देशों में कतर सबसे कम उपयुक्त था। पहली बार टूर्नामेंट का आयोजन नवंबर-दिसंबर में किया गया। कतर में विश्व कप के लिए स्टेडियम बनाने के दौरान काफी मजदूरों की मौत भी हुई।
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