अमेरिका से डील पर तैयार नहीं थे ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, पेजेश्कियान के मनाने पर दी मंजूरी, खुद बताया
Updated on
19-06-2026 11:51 AM
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधा है। खामेनेई ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौता करने के लिए ट्रंप बेकरार थे और उन्होंने इसके लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। मोजतबा खामेनेई ने यह बात अमेरिका और ईरान के बीच MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद अपने पहले बयान में कही है। डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार रात को इस समझौते पर इलेक्ट्रॉनिकली हस्ताक्षर किए थे।
समझौते को बताया अमेरिका की मजबूरी
मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को ईरानी लोगों से कहा कि यह समझौता ईरान की उत्सुकता के कारण नहीं, बल्कि अमेरिका की मजबूरी के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस समझौते के लिए ईमानदारी से काम किया था, लेकिन सबसे ज्यादा जोर अमेरिकी पक्ष ने ही दिया था। खामेनेई ने लिखित संदेश में कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ही मजबूरी में आकर इसे अंजाम देने के लिए हर तरह के दबाव और साधनों का इस्तेमाल किया।
डील के विरोध में थे खामेनेई
ईरानी सुप्रीम लीडर ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले इस समझौते का विरोध किया था, लेकिन बाद में मसूद पेजेश्कियान से भरोसा मिलने के बाद मंजूरी दी। उन्होंने कहा, सिद्धांत के आधार पर मेरी राय अलग थी, लेकिन बाद में राष्ट्रपति पेजेश्कियान और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से यह भरोसा मिलने के बाद अपनी मंजूरी दे दी कि देश और रेजिस्टेंस फ्रंट के हितों की रक्षा की जाएगी।
खामेनेई बोले- ईरान झुकेगा नहीं
खामेनेई ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका तय समझौते से आगे बढ़ने की कोशिश करता है तो ईरान झुकेगा नहीं। उन्होंने लिखा, अगर अमेरिकी पक्ष हद से ज्यादा मांगें रखने की कोशिश करता है, तो वे उन्हें नहीं मानेंगे। उन्होंने खुद को ईरान को विनम्र सेवक बताया और ईरानियों से अपील की वे बताई गई शर्तों के पूरा होने का इंतजार करें।इसके पहले बुधवार देर रात अमेरिका और ईरान ने टकराव को रोकने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्साय पैलेस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित डिनर में इस पर हस्ताक्षर किए। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तेहरान में दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि की।
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